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लोकरूचि.श्राद्ध तिल दो अंतिम गोरखपुर

भगवान राम की नगरी अयोध्या धाम के ज्योतिषाचार्ण्य आचार्य शत्रुघ्न मिश्र ने शास्त्रों का हवाला देते हुए शनिवार को यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि पितृपक्ष में किये जाने वाले तर्पण में तिल व कुशा का विशेष महत्व है। वायु पुराण के अनुसार तिल और कुशा के साथ श्रद्धा से जो कुछ पितरों को अर्पित किया जाता है वह अमृत रूप मे उन्हे प्राप्त होता है। पितर किसी भी योनि में हों उन्हें वह सब उसी रूप में प्राप्त होता है। श्री मिश्र ने बताया कि अर्यमा देव को पितरों का देव कहा जाता है और पितृ पक्ष में उनकी…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
लोकरूचि.श्राद्ध तिल दो अंतिम गोरखपुर
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
03/10/26 06:44
पिछला अपडेट
03/10/26 06:44
स्थान
India