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साप्ताहिक संगोष्ठी दो अंतिम गोरखपुर

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि कटक, ओडिशा से पधारे महंत शिवनाथ जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी जीवों के त्रिविध दुःखों के नाश के लिए किसी मंत्र के अंत में तीन बार शांति, शांति, शांति कहकर पूरा किया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गाई गई गीता भारतीय संस्कृति की मूल भावनाओं को हमारे सामने लाती है। यही कारण है कि विश्व के अनेक देशों में गीता सम्मान के साथ पढ़ी व पढ़ाई जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देश परस्पर युद्ध व संघर्ष से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय संस्कृति उन्हें…

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टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
साप्ताहिक संगोष्ठी दो अंतिम गोरखपुर
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
27/09/26 14:15
पिछला अपडेट
27/09/26 14:15
स्थान
India