नयी दिल्ली 09 जनवरी (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद प्रवेश साहेब सिंह वर्मा ने जाट समुदाय के लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल किये जाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गुरुवार को हमला बोला और कहा कि दिल्ली की आप सरकार ने जाटों को ओबीसी की केंद्रीय सूची में डालने के लिये पिछले एक दशक में एक बार विधान सभा में कोई प्रस्ताव नहीं पारित कराया।
श्री वर्मा ने यहां भाजपा के दिल्ली प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसी भी जाति को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा विधान सभा में पारित करा कर भेजना पड़ता है, ओबीसी आयोग उस पर सुनवायी करके अपनी सिफारिश करता है।
नयी दिल्ली विधान सभा क्षेत्र से आप के मुखिया श्री केजरीवाल के विरुद्ध भाजपा के घोषित प्रत्याशी श्री वर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री केजवरीवाल से उनके सहयोगी गहलोत ने दो बार जाटों को ओबीसी सूची में शामिल करने का प्रस्ताव परित करवाने के लिये आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल को विधान सभा के विशेष अधिवेशनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली के उप राज्यपाल के विरुद्ध निंदनीय शब्दों के इस्तेमाल के अलावा कुछ नहीं करना था।
श्री वर्मा ने कहा कि यह मोदी सरकार ही है, जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया और दिल्ली देहात में विकास के बुनियादी काम किये। उन्होंने कहा कि बाहरी दिल्ली में विभिन्न राज्य मार्गों के विकास से दिल्ली के गावों का सम्पर्क बढ़ा है और उनकी जमीनों के दाम बढ़े और उनका लाभ उन्हें मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा बाहरी दिल्ली की 28 की 28 सीटें जीत रही और दिल्ली में अगली सरकार भाजपा की बनेगी। उन्होंने कहा कि अब जब श्री केजरीवाल की सियासी जमीन खिसक गयी है और हार का डर सता रहा है, जो उन्हें जाटों की याद आ रही है।
श्री वर्मा ने श्री केजरीवाल पर जाट समुदाय और दिल्ली की गांव-देहात की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि जाट समुदाय के लोग हों, गुर्जर समुदाय के लोग हों राजपूत समुदाय के लोग हों या दिल्ली के गांव-देहात के हर वर्ग के लोग हों, आम आदमी पार्टी (आप) से सभी नाराज हैं और उसके नेताओं को अपने क्षेत्र में घुसने नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया दिल्ली बाहरी क्षेत्र में 28 विधानसभा सीटें हैं, जिन पर जाट, गुर्जर और राजपूत समुदाय के मतदाता अधिक
हैं और इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने एकमत होकर भाजपा को वोट देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों इन विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने बैठक की और आप को सत्ता से उखाड़ फेंकने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत किसानों की आर्थिक मदद करती है, लेकिन श्री केजरीवाल से इतना भी नहीं हुआ कि वह सूची बनाकर केंद्र सरकार को भेजे, ताकि सभी किसानों को सालाना 6000 रुपये की राशि मिले। उन्होंने कहा, “ यह वही केजरीवाल हैं, जिनको मैंने कई बार पत्र लिखा कि मेरे पिताजी डॉक्टर साहिब सिंह वर्मा की समाधि स्थल दिल्ली सरकार की जमीन पर है, आप वहां उनकी समाधि का निर्माण करवा दीजिये, लेकिन उन्होंने आज तक मेरे पत्र का जवाब भी नहीं दिया। ”
उन्होंने कहा कि गांव-देहात के लोगों के जमीन का भाव बढ़ाने की बात हो या पोचनपुर में 26000 करोड़ रुपये की लागत से बने नेशनल कन्वेंशन सेंटर की, जो एशिया का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर है, यह काम केंद्र सरकार ने किया।
श्री वर्मा ने कहा, “ मैं जब सांसद था, तो प्रधानमंत्री से कहा कि हमारे यहां पर देहात में कोई अस्पताल नहीं है, तो उन्होंने मेरे आग्रह को स्वीकार करके 100 करोड़ रुपये राशि आवंटित की, जिसके कारण नजफगढ़ में अस्पताल बना। ”
उन्होंने कहा, “ किसी भी जाति को ओबीसी समूह में शामिल करने के लिये राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजना पड़ता है, लेकिन आप सरकार ने पिछले 11 वर्ष में इस संबंध में कोई प्रस्ताव केंद्र के पास नहीं भेजा, अब चुनाव में हार का डर सताने लगा, तो उन्हें जाट आरक्षण का मुद्दा उछाल दिया। ”
संतोष.मनोहर.श्रवण
वार्ता