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भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिधमान अब परीक्षण के अंतिम चरण में

नयी दिल्ली, 02 दिसंबर (वार्ता) नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा कि भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिधमान अब परीक्षण के अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही भारतीय नौसेना शामिल कर लिया जायेगा।
अरिहंत श्रेणी की तीन परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बियों से संबंधित इस पनडुब्बी में विस्तारित मिसाइल पेलोड है, जिससे यह अगस्त 2024 में शामिल की गई आईएनएस अरिघाट की तुलना में अधिक लंबी दूरी की परमाणु मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है।
नौसेना प्रमुख ने बुधवार को होने वाले नौसेना दिवस समारोह से पहले वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि नौसेना के पहले चार राफेल विमानों के 2029 में आने की योजना है।विमानवाहक पोतों पर तैनात किए जाने वाले ऐसे 26 विमानों के लिए द्विपक्षीय समझौते को अप्रैल में फ्रांस के साथ अंतिम रूप दिया गया था, और समझौते के पांच साल बाद इनकी डिलीवरी शुरू हो जाएगी। इस पैकेज में हथियार, पुर्जे और सहायक उपकरण शामिल हैं और ये लड़ाकू विमान आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे।
नौसेना प्रमुख ने कहा, 'हमने करीब 84,000 करोड़ रुपये के 83 बड़े अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। हमें उम्मीद है कि 2029 तक भारतीय नौसेना के लिए चार राफेल विमानों का पहला सेट मिल जाएगा।'
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय नौसेना की सक्रियता और अग्रिम पंक्ति के जहाजों की मौजूदगी की वजह से पाकिस्तान को आगे बढ़ने पर रोक लग गयी थी और उसके बेड़े को नौसेना ने वहीं रोके रखा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आक्रामक रुख और युद्धक वाहक समूह की तैनाती की तत्काल कार्रवाई ने पाकिस्तानी नौसेना को अपने बंदरगाहों या मकरान तट के पास ही रहने पर मजबूर कर दिया। ऑपरेशन अभी भी जारी है और इसलिए कई जानकारियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों के बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण जोखिम उठाने को तैयार व्यापारी जहाजों की संख्या में कमी आई है। पिछले सात महीनों के दौरान हमने उत्तरी अरब सागर में अपने अभियान की तेज गति को बरकरार रखा है।" नौसेना प्रमुख ने अन्य देशों के साथ अभ्यास करने के बारे में कहा, "पिछले नौसेना दिवस के बाद से हमने 21 द्विपक्षीय, 9 बहुपक्षीय और 34 समुद्री साझेदारी अभ्यास किए हैं, पांच जंगी जहाजों की तैनाती की है और 13 संयुक्त ईजेडटी अभ्यास किए हैं।"
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने और लगभग 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के माल की सुरक्षा के लिए 40 प्रमुख युद्धपोत तैनात किए हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय नौसेना की टीमों ने हाल के अभियानों में 52 समुद्री डाकुओं को पकड़ा है और 2008 से नौसेना ने अदन की खाड़ी में निरंतर तैनाती बनाए रखी है और 138 जहाज भेजे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 40 जहाज समुद्री डकैती रोधी अभियानों में शामिल हैं और बल ने पिछले एक साल में समुद्र में 520 लोगों को बचाया है।
मनोज जितेन्द्र
वार्ता
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