Sunday, Aug 9 2026 | Time 22:51 Hrs(IST)
पार्लियामेंट


उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढाने वाले विधेयक पर संसद की मुहर

नयी दिल्ली 05 अगस्त (वार्ता) राज्यसभा ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढाकर 37 किये जाने से संबंधित उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक 2026 को बुधवार को विपक्ष के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इसके साथ ही इस पर संसद की मुहर लग गयी , चूंकि लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। यह विधेयक इसी वर्ष 16 मई को लाये गये अध्यादेश का स्थान लेगा।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक पर करीब दो घंटे चली चर्चा का संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक न्यायपालिका में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढाने तथा लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में चार न्यायाधीश बढाये जाने से न्यायाधीशों की संख्या 37 तथा मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर यह संख्या 38 हो गयी है। उनके जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
श्री मेघवाल ने इस विधेयक को न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में मामलों की बढती संख्या को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढाया जाना समय की मांग थी। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि नये मामलों की संख्या निरंतर बढ रही है और इसे देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढायी जानी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि विभिन्न मामलों में संविधान पीठ के गठन से भी नियमित मामलों की सुनवाई के लिए न्यायाधीशों की संख्या कम रह जाती है। विधि और न्याय राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने इसी लिए अध्यादेश लाकर उच्चतम न्यायालय में तत्काल चार न्यायाधीशों की नियुक्ति की थी।
श्री मेघवाल ने कहा कि इस वर्ष जनवरी तक उच्चतम न्यायालय में 92,101 मामले लंबित थे । वर्ष 2019 से 34 न्यायाधीशों की लगभग पूरी स्वीकृत संख्या के साथ काम करने के बावजूद, उच्चतम न्यायालय में वर्ष 2025 में निपटाए गए 65,615 मामलों की तुलना में 75,410 नए मामले दर्ज किए गये।
उन्होंने कहा कि सरकार लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे ध्यान में रखकर ही न्यायाधीशों की संख्या बढायी जा रही है। शुरू में आठ जज थे और आज 38 हो जायेंगे। अध्यादेश इसलिए लाये क्योंकि विशेष बैंच बनायी गयी जो सबसे अधिक समय से लंबित मामलों का निपटारा किया जा रहा है।
न्यायालयों में महिला न्यायाधीशों की बढती संख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ उच्च न्यायालयों में महिला मुख्य न्यायाधीश हैं और जल्द ही महिला उच्चतम न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश भी बनने वाली हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार न्यायापालिका की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश में न्यायाधीशों और आबादी का अनुपात पहले प्रति दस लाख पर 16 न्यायाधीश था जो अब बढकर 22 न्यायाधीश प्रति दस लाख आबादी हो गया है। न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इसमें कमी लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ई कोर्ट मिशन के माध्यम से भी मामलों को कम किया जा रहा है और इसके लिए सात हजार करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है।
संजीव, मधुकांत
वार्ता
More News

एमएसएमई संशोधन विधेयक पर लगी संसद की मुहर

07 Aug 2026 | 3:15 PM

नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) लोकसभा ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच शुक्रवार को "सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026" बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही राज्यसभा से पहले ही पारित इस विधेयक पर संसद की मुहर लग गई।.

see more..

भारत छोड़ो आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया राज्यसभा ने

07 Aug 2026 | 3:02 PM

नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) राज्यसभा ने नौ अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की 84 वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। .

see more..
लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

07 Aug 2026 | 1:36 PM

नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने चढ़ावा चोरी तथा छात्रों पर पुलिस कार्रवाई मामले में गृहमंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने एक बार के स्थगन के बाद दोबारा 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्ष के सदस्य अपनी मांगों को लेकर पहले की तरह हंगामा और नारेबाजी करने लगे। हंगामा के बीच ही पीठासीन अधिकारी ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

see more..
हंगामे के कारण राज्यसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

हंगामे के कारण राज्यसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

07 Aug 2026 | 1:34 PM

नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं हो सका और महज चार मिनट के भीतर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। एक बार के स्थगन के बाद दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य खड़े होकर गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के सदन में आने की मांग तथा अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने रेल मंत्रालय से संबंधित प्रश्न पूछने के लिए समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन को पुकारा। जब पहला पूरक प्रश्न पूछने की बारी आयी तो श्री सुमन ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाना चाहा जिसकी सभापति ने अनुमति नहीं दी।

see more..

हंगामे के कारण लोक सभा की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित

07 Aug 2026 | 12:23 PM

नयी दिल्ली 07 अगस्त (वार्ता) लोक सभा में विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच तथा राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित कर दी गई।.

see more..