नयी दिल्ली 06 अगस्त (वार्ता) राज्यसभा में विपक्ष के सदस्यों ने इस सप्ताह लगातार चौथे दिन गुरुवार को भी राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी और शून्यकाल की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण मानसून सत्र में अब तक एक भी दिन शून्यकाल की कार्यवाही सुचारू ढंग से नहीं चल पायी है।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू की विपक्ष के सदस्य अपनी जगहों से उठकर जोर-जोर से बोलने लगे। सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते हुए लोक महत्व के विषय रखने के लिए सदस्यों का नाम पुकारा।
इस बीच विपक्ष की ओर से नियम 267 के तहत दिये गये नोटिस के बारे में पूछे जाने पर सभापति ने कहा कि वह इस बारे में कई बार अपनी व्यवस्था दे चुके हैं। विपक्षी सदस्यों ने अनुरोध किया कि नेता विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया जाये इस पर सभापति ने कहा कि जब तक आप शोर मचाते रहेंगे किसी को बोलने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कार्यवाही के दौरान कोई सदस्य व्यवधान उत्पन्न नहीं कर सकता । उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता बार-बार एक ही मुद्दे को उठाते हैं और इस पर आसन उन्हें बोलने से रोक सकता है। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस के पवन खेड़ा का नाम लेते हुए कहा कि वह सदन में नये हैं और उनको को नियम पढने के बाद नारेबाजी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी सदन में उनका पहला भाषण भी नहीं हुआ है।
द्रमुक के तिरूचि शिवा ने नियम 258 के तहत अपनी बात रखने की कोशिश की लेकिन सभापति ने कहा कि आप इसके लिए पहले नोटिस दे सकते हैं। इस बीच विपक्षी सदस्यों ने नेता विपक्ष को बोलने देने के बारे में जोर जोर से अनुरोध किया इस पर सभापति ने कहा कि आप आसन को बाध्य नहीं कर सकते। नेता विपक्ष को कई बार अपनी बात रखने का मौका दिया गया है । इसके बाद उन्होंने जैसे ही नेता विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोर शराबा शुरू कर दिया। सदन में अव्यवस्था की स्थिति देखते हुए श्री राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले विपक्ष के हंगामे के बीच भाजपा के राघव चड्ढा ने एमआरआई कराने वाले रोगियों से डाक्टर के रैफरल पर कमीशन लिये जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार बिना वजह के भी रोगी के टेस्ट कराये जाते हैं जिनकी जरूरत नहीं होती। सदस्य ने कहा कि इस पर रोक लगायी जानी चाहिए।
भाजपा के डा के लक्ष्मण ने बंजारा समुदाय के आध्यात्मिक गुरू संत सेवा लाल महाराज की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संत सेवा लाल पर्यावरण प्रेमी थे और उन्होंने लंबे समय तक मानवता की सेवा की । उनका जीवन देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संजीव सैनी
वार्ता