एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 09/09/26 11:27

.... ....

श्री शर्मा ने कहा कि संत रविदास ने जिस आदर्श समाज की कल्पना की थी, उसका वर्णन उन्होंने "ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम रहें, रविदास रहे प्रसन्न "जैसी अमर पंक्तियों में किया। यही सुशासन की परिकल्पना है तथा विकसित भारत की आत्मा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र इसी भावना को साकार कर रहा है। राजस्थान सरकार भी इसी विचार के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़े और प्रत्येक गरीब,…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
राजस्थान रविदास भजनलाल दो जयपुर
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
05/08/26 15:34
पिछला अपडेट
05/08/26 15:34
स्थान
India