एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 09/09/26 09:19

तकनीक और एआई मानवीय विवेक तथा कानूनी तर्क का स्थान नहीं ले सकते: न्यायमूर्ति हरीश टंडन

भुवनेश्वर, 18 जुलाई (वार्ता) उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने शनिवार को कहा कि भले ही तकनीकी प्रगति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने न्यायिक प्रणाली की कार्यकुशलता में काफी सुधार किया है, लेकिन वे कभी भी मानवीय विवेक, करुणा और स्वतंत्र कानूनी तर्क का स्थान नहीं ले सकते। न्यायमूर्ति टंडन ने यहां शिक्षा 'ओ' अनुसंधान (एसओए) डीम्ड विश्वविद्यालय के विशेष दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक के तेजी से विकास ने अदालतों के पारंपरिक तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव लाया है। फिर भी तकनीक की भूमिका मानवीय निर्णय लेने की प्रक्रिया के पूरक के रूप…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
ओडिशा एआई मानवीय विवेक
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
18/07/26 15:41
पिछला अपडेट
18/07/26 15:41
स्थान
India