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पंजाब में तीन दिन और हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13-14 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान

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नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश होने का अनुमान लगाया है। इसके चलते 13 से 15 सितंबर के बीच पंजाब में जबकि 13 और 14 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शनिवार सुबह जारी अपने 'मौसम का सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन' में कहा कि 12 से 17 सितंबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है।

इस दौरान हिमाचल प्रदेश में भी बारिश हो सकती है। रविवार से बारिश के तेज़ होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने खास तौर पर 13-15 सितंबर के दौरान पंजाब में और 13-14 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पूर्वी राजस्थान में भी 13 और 14 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है। इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, कोंकण और गोवा, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और अन्य इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 14 सितंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पूर्वी राजस्थान और मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

उस दिन गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 सितंबर को भी कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। उस दिन के लिए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। मौसम विभाग के सात दिनों के बारिश के अनुमान के अनुसार, 12 से 16 सितंबर तक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट बारिश होगी और उसके बाद 17 और 18 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पंजाब में 12 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश, 13 से 16 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश और 17 व 18 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में 12 से 16 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग द्वारा ताजा अनुमान जारी करने से पहले ही उत्तर-पश्चिम भारत के एक बड़े हिस्से में बारिश हो चुकी है। 11 सितंबर की सुबह 8.30 बजे से 12 सितंबर की सुबह 5.30 बजे के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ज़्यादातर जगहों पर बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ, जिसे पहले उत्तरी पंजाब और उसके आस-पास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के तौर पर देखा गया था, शनिवार सुबह उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर बना हुआ था। यह समुद्र तल से 3.1 किमी से 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ था और इसके साथ ही मध्य-क्षोभमंडल में ऊपर की तरफ एक कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ था। कम दबाव का एक क्षेत्र, जो पहले दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में था, आज सुबह 5.30 बजे दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आस-पास के इलाकों में मौजूद था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.4 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ था और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ था।

इस प्रणाली के अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में मौसम की स्थिति और ज़्यादा गंभीर होने की उम्मीद है। आईएमडी ने 13 और 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश; 13 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र; 13-14 सितंबर को गुजरात क्षेत्र; और 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण निचले इलाकों में जल-जमाव और बाढ़ आ सकती है और कहीं-कहीं भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएँ हो सकती हैं। इससे कच्चे घरों, झोपड़ियों और सड़कों को मामूली नुकसान पहुंच सकता है और सड़क एवं रेल यातायात में बाधा आ सकती है।

भारी बारिश के दौरान कभी-कभी दृश्यता भी कम हो सकती है। लोगों को मौसम में हो रहे बदलावों पर नज़र रखने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। बिजली कड़कने के दौरान, उन्हें पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए, जलाशयों और बिजली पोल से दूर रहना चाहिए और बिजली तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देने चाहिए। अभय जितेन्द्र वार्ता

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
801
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
मौसम पूर्वानुमान
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
12/09/26 08:36
पिछला अपडेट
12/09/26 08:36
स्थान
India