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बिहार अनीता स्त्री जातीय स्तरीकरण दो अंतिम दरभंगा

श्रीमती भारती ने कहा कि दलित स्त्रीवाद अपनी प्रकृति में समावेशी और उदार है, जो एक समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है। व्याख्यान के दौरान उन्होंने सैद्धांतिक पहलुओं के साथ-साथ अपने निजी अनुभव भी साझा किए, जिससे विषय और अधिक जीवंत हो उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने की। अपने स्वागत वक्तव्य में उन्होंने कहा कि दलित साहित्य एक समतामूलक समाज की वैचारिक नींव तैयार करता है और अनीता भारती इस क्षेत्र की प्रमुख हस्ताक्षर हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजरी खरे ने किया। व्याख्यान के उपरांत प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ,…

समाचार विवरण:

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टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार अनीता स्त्री जातीय स्तरीकरण दो अंतिम दरभंगा
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
04/05/26 00:00
पिछला अपडेट
04/05/26 00:00
स्थान
India