एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 09/09/26 11:38

बिहार बच्चन गीतांजली रहस्यवाद दो अंतिम दरभंगा

मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार कर्ण ने कहा कि गीतांजलि में प्रकृति और ईश्वर के बीच गहरे संबंध का अत्यंत सुंदर चित्रण मिलता है। टैगोर के गीत अपनी सौंदर्य चेतना, बिम्बों और प्रतीकों के कारण विशिष्ट बन जाते हैं। उनके काव्य में भारतीय पौराणिक परंपरा और प्रकृति का अद्भुत सामंजस्य दिखाई देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. पुनिता झा ने कहा कि गीतांजलि प्रेम के विविध रूपों की अनुपम अभिव्यक्ति है। इसमें मानवता, प्रकृति, ईश्वर, राष्ट्र, सौंदर्य और सत्य के प्रति प्रेम की व्यापक अनुभूति देखने को मिलती है। टैगोर की कविताएँ जीवन के सत्य, सुख और सौंदर्य…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार बच्चन गीतांजली रहस्यवाद दो अंतिम दरभंगा
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
08/05/26 00:00
पिछला अपडेट
08/05/26 00:00
स्थान
India