एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 15/09/26 15:32

एनएसई के आईपीओ के लिए अप्रत्याशित मांग: आशीष चौहान

इस समाचार कहानी की विशेष छवि

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने मंगलवार को दावा किया कि एनएसई के 17 सितंबर से आ रहे प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए अप्रत्याशित मांग है।

श्री चौहान ने आईपीओ से पहले यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में कहा, "मांग अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि पहले देश और विदेश के मुख्य (एंकर) निवेशकों के लिए अधिकतम सीमा 6,000 करोड़ रुपये रह गई है। इसलिए मांग काफी अधिक है। उल्लेखनीय है कि एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला रहेगा। कंपनी बीएसई पर सूचीबद्ध हो रही है। एंकर निवेशकों से मिले निवेश की घोषणा एक दिन पहले यानी 16 सितंबर को की जाएगी। कंपनी के एक रुपये अंकित मूल्य वाले 247.50 करोड़ शेयर में से मौजूदा निवेशक 12,64,36,650 शेयर बेच रहे हैं।

यह कंपनी के कुल शेयर का 5.11 प्रतिशत है। शेयरों के लिए मूल्य का दायरा 1,700 रुपये से 1,785 रुपये तैयार किया गया है। निवेशक कम से कम आठ शेयरों और उसके बाद आठ के गुणांक में शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। मूल्य दायरे की ऊपरी सीमा पर आईपीओ का आकार 22,569 करोड़ रुपये का होगा। इसके देश के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा आईपीओ होने की उम्मीद है। श्री चौहान ने बताया कि कंपनी कोई नया शेयर नहीं ला रही है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है। इसका मुख्य कारण यह है कि कंपनी लगातार मुनाफे में रह रही है और इसके पास पूंजी की कोई कमी नहीं है। शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

एनएसई के सीईओ ने बताया कि आईपीओ आने के बाद कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री में आसानी हो जाएगी। कंपनी के सूचीबद्ध न होने के कारण शेयरों के सौदे के लिए उचित मूल्य पर पहुंचना मुश्किल होता था। अब एक शेयर बाजार के मूल्य से संदर्भ के लिए एक दर मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रेडिंग की संख्या के आधार पर एनसई दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार है। इस पर 13 करोड़ से अधिक यूनीक निवेशक सूचीबद्ध हैं। एक दिन में 2,200 करोड़ तक ट्रेडिंग होती है। कंपनी अधिशेष आय का ज्यादातर हिस्सा निवेशकों में बांट देती है। आईपीओ में पात्र संस्थागत निवेशक अधिकतम 50 प्रतिशत शेयर खरीद सकेंगे।

गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए कम से कम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत शेयर आरक्षित होंगे। श्री चौहान ने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कहा कि एनएसई में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद से 33 साल में इसका वेल्थ 120 गुणा हो गया है। बाजार की वृद्धि में युवाओं और प्रौद्योगिकी का सबसे अधिक योगदान रहा है। युवा आबादी निवेश करने में यकीन करती है क्योंकि उनकी मांग अधिक है। वे अपनी जरूरतों के लिए पूंजी बाजार से रिटर्न कमाते हैं। पहले लोग जहां भौतिक परिसंपत्तियों में निवेश करते थे, वहीं अब वे वित्तीय बाजारों में पैसा लगा रहे हैं। यूपीआई के माध्यम से दो हजार रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर शुल्क लगाने से खुदरा निवेशकों पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर श्री चौहान ने कहा कि इससे शुरुआती दिनों में निवेश प्रभावित हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अजीत जितेन्द्र वार्ता

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
573
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
एनएसई आईपीओ चौहान
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
15/09/26 10:05
पिछला अपडेट
15/09/26 10:05
स्थान
India