एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 15/09/26 15:32

यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क, 15 अक्टूबर से लागू

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नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) सरकार ने यूपीआई के जरिये 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क तय किया है जो 15 अक्टूबर से लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार शाम एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि व्यक्तिगत यूपीआई खातों से मर्चेंट खातों में भुगतान पर 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होगा। अधिकतम एमडीआर 300 रुपये होगा।

अनिवार्य सेवाओं जैसे रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि क्षेत्र में बीज, खाद आदि के लिए पांच रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का शुल्क तय किया गया है। पूंजी बाजार से संबंधित लेनदेन जैसे म्यूचुअल फंड, प्रतिभूति और स्टॉक ब्रोकर और डीलरों के लिए एमडीआर की दर 0.02 प्रतिशत तय की गई है। इसमें भी अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत से व्यक्तिगत यूपीआई खातों में लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

यूपीआई से हर महीने एक लाख रुपये तक का लेनदेन करने वाले छोटे व्यापारियों को भी एमडीआर के दायरे से बाहर रखा गया है। इससे पहले, सरकार ने सोमवार रात एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें कहा गया था कि रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले ट्राजेक्शन और 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगाया जा सकेगा।

वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यूपीआई पर एमडीआर लगाने से प्राप्त राशि का बंटवारा यूपीआई अवसंरचना में शामिल सभी साझेदारों के बीच किया जायेगा। इसमें बैंक और यूपीआई ऐप देने वाली कंपनियां भी शामिल होंगी। सरकार ने कहा है कि यूपीआई से होने वाले 96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजेक्शन 2,000 रुपये या इससे से कम मूल्य के होते हैं और इसलिए ये शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे।

अजीत, मधुकांत वार्ता

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
288
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
यूपीआई लीड शुल्क
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
15/09/26 14:24
पिछला अपडेट
15/09/26 14:24
स्थान
India