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जो भी हो तुम खुदा की कसम लाजवाब हो

पुण्यतिथि 20 अप्रैल के अवसर पर मुंबई, 20 अप्रैल (वार्ता)मशहूर शायर और गीतकार शकील बदायूंनी का अपनी जिंदगी के प्रति नजरिया उनकी रचित इन पंक्तियों मे समाया हुआ है। मै शकील दिल का हूँ तर्जुमा कि मोहब्बतों का हूँ राजदान, मुझे फख्र है मेरी शायरी मेरी जिंदगी से जुदा नही। उत्तर प्रदेश के बदांयू कस्बे में 03 अगस्त 1916 को जन्में शकील अहमद उर्फ शकील बदायूंनी बी.ए पास करने के बाद वर्ष 1942 में वह दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होनें आपूर्ति विभाग में आपूर्ति अधिकारी के रूप मे अपनी पहली नौकरी की। इस बीच वह मुशायरों में भी हिस्सा लेते रहे,…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
मनोरंजन शकील लाजवाब
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
20/04/26 00:00
पिछला अपडेट
20/04/26 00:00
स्थान
India