Sunday, Apr 6 2025 | Time 03:56 Hrs(IST)
दुनिया


भारत सच्चे पड़ोसी के रूप में हर परिस्थिति में श्रीलंका के साथ है: मोदी

भारत सच्चे पड़ोसी के रूप में हर परिस्थिति में श्रीलंका के साथ है: मोदी

कोलंबो 05 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत-श्रीलंका के सुरक्षा हित समान हैं, उनकी सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है तथा भारत सच्चे पड़ोसी तथा मित्र के रूप में हर प्रतिकूल परिस्थिति में श्रीलंका के साथ खड़ा है।
श्रीलंका यात्रा पर आये श्री मोदी ने शनिवार को यहां राष्ट्रपति अनुरा दिसानायका के संयुक्त प्रेस वक्तव्य के अवसर पर कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और आत्मीयता भरे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास के विजन को अपनाया है और “हम अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में दोनों देश अपनी भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मछुआरों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और श्री मोदी ने मछुआरों को तुरंत रिहा किये जाने और उनकी नौकाओं को वापस भेजने पर जोर दिया है।
श्री मोदी ने कहा, “मैं श्रीलंका के लोगों के धैर्य और साहस की सराहना करता हूं और आज श्रीलंका को वापिस प्रगति के पथ पर देख कर हर्ष महसूस कर रहा हूं। भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया है। चाहे 2019 का आतंकवादी हमला हो, कोविड महामारी हो, या हाल में आया आर्थिक संकट, हर कठिन परिस्थिति में, हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े रहे हैं।”
श्री मोदी ने कहा कि श्रीलंका की उनकी पिछली यात्रा 2019 में बहुत ही संवेदनशील समय में हुई थी और उस समय उन्हें विश्वास था कि श्रीलंका और अधिक मजबूत होकर उभरेगा। उन्होंने महान तमिल संत थिरुवलुवर को याद करते हुए उनके हवाले से कहा कि चुनौतियों और शत्रुओं के विरुद्ध एक सच्चे मित्र और उसकी मित्रता की ढाल से बढ़कर और क्या सुरक्षा हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीलंका का भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और महासागर दृष्टिकोण में विशेष स्थान है। उन्होंंने कहा कि राष्ट्रपति दिसानायके की भारत यात्रा के बाद से सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा ,“सामपुर सोलर पावर प्लांट से श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलेगी। मल्टी-प्रोडेक्ट पाइपलाइन के निर्माण, और त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब के रूप में विकसित किए जाने के लिए जो समझौता हुआ है, उसका लाभ श्रीलंका के सभी लोगों को मिलेगा। दोनों देशों के बीच ग्रिड कनैक्टीविटी समझौते से श्रीलंका के लिए बिजली निर्यात करने के विकल्प खुलेंगे।”
उन्होंने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास के विजन को अपनाया है। भारत भागीदार देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देता है। उन्होंने कहा, “पिछले छह महीनों में ही हमने 10 करोड़ डॉलर से अधिक राशि के ऋण को ग्रांट में बदला है। हमारे द्विपक्षीय ‘डेट रिस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट’ से श्रीलंका के लोगों को तत्काल सहायता और राहत मिलेगी। आज हमने ऋण की दर को भी कम करने का निर्णय लिया है। यह प्रतीक है कि आज भी भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।”
श्री मोदी ने कहा कि पूर्वी प्रांतों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए, लगभग 2.4 अरब श्रीलंकाई रुपए का सहयोग पैकेज दिया जाएगा। किसानों की भलाई के लिए, श्रीलंका के सबसे बड़े वेयरहाउस का भी उद्घाटन किया गया है।
उन्होंने कहा , “कल हम ‘माहो-ओमनथायी’ रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे, और ‘माहो-अनुराधापुरम’ सेक्शन पर सिग्नलिंग सिस्टम का शिलान्यास करेंगे। कांकेसंतुरई पोर्ट के आधुनिकीकरण के लिए काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए दस हजार घरों का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। श्रीलंका के 700 अतिरिक्त कार्मिकों को भारत में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें सांसदों, न्यायपालिका से जुड़े लोगों, उद्यमियों, मीडियाकर्मियों, के साथ-साथ युवा लीडर्स भी शामिल होंगे।
श्री मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है और एक-दूसरे पर निर्भर है। भारत के हितों के प्रति उनकी संवेदनाओं के लिए, मैं, राष्ट्रपति दिसानायके का आभारी हूँ। रक्षा सहयोग में संपन्न किये गए महत्वपूर्ण समझौते का हम स्वागत करते हैं। कोलंबो सिक्योरिटी कंकलेव और हिन्द महासागर में सुरक्षा सहयोग पर भी मिलकर काम करने के लिए हम सहमत हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और आत्मीयता भरे संबंध हैं। उन्होंने कहा , “मुझे यह बताते हुए अत्यन्त ख़ुशी है कि 1960 में मेरे होम स्टेट गुजरात के अरावली में मिले भगवान बुद्ध के रेलिक्स को श्रीलंका में दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के पुरूद्धार में भारत सहयोग देगा। अनुराधापुरम महाबोधी मंदिर परिसर में सेकरेड सिटी , और ‘नुरेलिया’ में ‘सीता एलिया’ मंदिर के निर्माण में भी भारत सहयोग करेगा।”
श्री मोदी ने कहा, “हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं, कि हमें इस मामले में एक मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमने मछुआरों को तुरंत रिहा किये जाने और उनकी नौकाओं को वापस भेजने पर भी बल दिया। ”
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने श्रीलंका में पुनर्निमाण और सुलह पर भी बात की। राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने समावेशी दृष्टिकोण के बारे में मुझे बताया। हम आशा करते हैं कि श्रीलंका सरकार तमिलों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। और श्रीलंका में संविधान के पूर्ण इम्प्लीमेंटेशन, और प्रांतीय परिषद चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगी।”
उन्होंंने कहा कि भारत और श्रीलंका का संबंध आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित है और हम लोगों की आकांक्षाओं और आशाओं को पूरा करने के लिए हम साथ मिलकर काम करते रहेंगे और आने वाले समय में अपनी भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
श्री मोदी ने उन्हें ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किये जाने पर कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है।
संजीव, उप्रेती
वार्ता

More News
चीन ने आयात शुल्क के कारण अमेरिका में टिकटॉक सौदे को खारिज किया

चीन ने आयात शुल्क के कारण अमेरिका में टिकटॉक सौदे को खारिज किया

06 Apr 2025 | 12:09 AM

मॉस्को 05 अप्रैल (वार्ता) चीन ने हाल ही में चीनी वस्तुओं पर घोषित अमेरिकी आयात शुल्क के कारण टिकटॉक की अमेरिकी परिसंपत्तियों को अलग करने के सौदे को मंजूरी नहीं दी है।

see more..
इज़रायल पर लगाए गए नए टैरिफ़ पर चर्चा करने के लिए नेतन्याहू व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मिलेंगे

इज़रायल पर लगाए गए नए टैरिफ़ पर चर्चा करने के लिए नेतन्याहू व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मिलेंगे

06 Apr 2025 | 12:02 AM

यरूशलम, 05 अप्रैल (वार्ता) इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने वाले हैं।

see more..
परंपराएं बंधन नहीं हैं, पंख हैं:सच्चिदानंद जोशी

परंपराएं बंधन नहीं हैं, पंख हैं:सच्चिदानंद जोशी

05 Apr 2025 | 10:29 PM

मास्को, 05 अप्रैल (वार्ता) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने यहाँ कहा कि परंपराएं बंधन नहीं हैं, वे पंख हैं, जो हमें एक ऐसे भविष्य की ओर ले जाती हैं, जो हमारी जड़ों से जुड़ा है।

see more..
नाइजीरिया में बंदूकधारियों के हमलों में इस सप्ताह 52 लोगों की मौत

नाइजीरिया में बंदूकधारियों के हमलों में इस सप्ताह 52 लोगों की मौत

05 Apr 2025 | 9:22 PM

अबुजा, 05 अप्रैल (वार्ता) मध्य नाइजीरिया में संदिग्ध बंदूकधारियों ने इस सप्ताह के दौरान कम से कम 52 लोगों की हत्या कर दी।

see more..