कर्नाटक में सरकार-पार्टी के बीच तालमेल के लिए राजनीतिक मामलों की समिति बनाने पर कांग्रेस कर रही है विचार

बेंगलुरु, 19 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक में सरकार और पार्टी संगठन के बीच बढ़ते मतभेदों को नियंत्रित करने और महत्वपूर्ण राजनीतिक और नीतिगत फैसले बेहतर समन्वय के साथ लेना सुनिश्चित करने के लिए एक 'राजनीतिक मामलों की समिति' बनाने पर विचार कर रहा है।
यह प्रस्तावित समिति मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार एवं कर्नाटक कांग्रेस (केपीसीसी) अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच अहम हो गया है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व सरकार और पार्टी के बीच की इस खाई को आंतरिक टकराव में बदलने से रोकना चाहता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस समिति में सरकार और कांग्रेस संगठन, दोनों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। सरकार और पार्टी से जुड़े अहम फैसलों पर आगे बढ़ने से पहले इस पैनल में चर्चा हो सकती है। इस कदम का उद्देश्य मुख्यमंत्री और केपीसीसी अध्यक्ष के बीच तालमेल की औपचारिक प्रणाली बनाना भी है, क्योंकि कांग्रेस अगले विधानसभा चुनावों से पहले बूथ स्तर से अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी गतिविधियों के बीच पार्टी आलाकमान ने हस्तक्षेप किया है। संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के तहत पार्टी पहले ही संगठनात्मक बदलाव कर चुकी है, जिनमें नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी शामिल है। प्रस्तावित समिति अलग-अलग गुटों के बीच मतभेदों को सुलझाने और डीके बनाम बीके के बीच चल रहे तनाव को बड़े संगठनात्मक विवाद में बदलने से रोकने के लिए एक मंच भी बन सकती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि सरकार और पार्टी संगठन अलग-अलग रास्ते पर चलने के बजाय मिलकर काम करें, खासकर उन फैसलों पर जिनका राजनीतिक असर हो सकता है।
इस प्रस्ताव को विचार के लिए आलाकमान के सामने रखा गया है। इसकी अंतिम मंजूरी, संरचना और कार्य-दायरे पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। यह कदम कर्नाटक कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से एक संवेदनशील समय पर उठाया गया है, क्योंकि पार्टी के सामने सरकार चलाने और आने वाले चुनावों के लिए अपने संगठन को फिर से मजबूत करने की दोहरी चुनौती है।
अभय, आलम वार्ता

