न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (वार्ता) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वैश्विक तंत्र पर साफ-साफ बात करते हुए कहा कि "इंटरनेशनल सिस्टम खराब हो चुका है" और इसमें बड़े झगड़ों - जैसे भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित टकराव - को सुलझाने या कम करने की क्षमता नहीं है।
उन्होंने तर्क दिया कि देश अब ज़्यादातर अपने राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए श्री रुबियो ने कहा कि दुनिया के नेताओं के बीच इस बात पर आम सहमति है कि मौजूदा इंटरनेशनल सिस्टम बड़े संकटों से निपटने में नाकाम हो रहा है। श्री रुबियो ने कहा, "मुझे लगता है कि इंटरनेशनल सिस्टम अभी अच्छी हालत में नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय नियमों की भी एक सीमा होती है, और वह सीमा है "आपका राष्ट्रीय हित।" उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में "बहुत क्षमता" है, लेकिन वह उस पर खरा नहीं उतर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह सिस्टम अपने "दायरे से बाहर निकल चुका है" और अब ऐसे मामलों में शामिल हो रहा है जो उसकी तय भूमिका का हिस्सा नहीं हैं। श्री रूबियो ने कहा, "यह दुनिया के लगभग किसी भी बड़े झगड़े को सुलझाने में नाकाम है।" उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र की बैठक में इस बात पर आम सहमति है कि अंतरराष्ट्रीय सिस्टम नाकाम हो रहा है।
श्री रूबियो ने खास तौर पर कई ऐसे झगड़ों और तनावपूर्ण स्थितियों का ज़िक्र किया, जिनसे उनके हिसाब से मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सिस्टम की कमियां सामने आईं। उन्होंने कहा, "अगर हमारे पास एक काम करने वाला अंतरराष्ट्रीय सिस्टम होता तो बहुत अच्छा होता, जो उदाहरण के लिए, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुई लड़ाई, या भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित झगड़े, या डीआरसी और रवांडा में चल रहे हालात, या सूडान में हो रही घटनाओं, या जलडमरूमध्य (स्ट्रेट्स) में ईरान के साथ चल रहे तनाव से निपट सकता।"
सैनी वार्ता