शांति वार्ता, तेल रिफाइनरियों पर हमलों और अमेरिकी मदद को लेकर ट्रंप ने जेलेंस्की की कड़ी आलोचना की

वाशिंगटन, 16 अक्टूबर (स्पुतनिक/वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की कड़ी आलोचना की। उन्होंने श्री ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ समझौता करने से इनकार करने और रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमला रोकने के अमेरिकी अनुरोधों को अनदेखा करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने यह सवाल भी किया कि जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को दिए गए अरबों डॉलर एवं हथियारों का क्या हुआ।
श्री ट्रंप ने कहा, "ज़ेलेंस्की ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिनके साथ हम कोई समझौता कर सकें।" उन्होंने तर्क दिया कि भविष्य में होने वाला कोई भी समझौता शायद श्री ज़ेलेंस्की के बिना ही करना पड़े।
श्री ट्रंप ने कहा, "अगर उन्हें किसी तरह का समझौता करना ही है, तो वे उनके रहते ऐसा नहीं करेंगे। वह समझौता नहीं करना चाहते। वह कहते हैं कि वह समझौता करना चाहते हैं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।" श्री ट्रंप ने कहा कि वह श्री ज़ेलेंस्की के बहुत बड़े प्रशंसक नहीं हैं और उन्होंने सीधे तौर पर उनकी तुलना रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से की। उन्होंने कहा, "मुझे श्री पुतिन की तुलना में श्री ज़ेलेंस्की के साथ काम करना ज़्यादा मुश्किल लगता है।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के नए हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा ऐसे हमले रोकने का आग्रह करने के बावजूद हमले जारी हैं, इन हमलों के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।
श्री ट्रंप ने कहा, "अगर आप मुझसे कहें कि श्री ज़ेलेंस्की फिर से रिफाइनरियों पर हमले कर रहे हैं, तो वह बस तेल की कीमतें बढ़ा रहे हैं। मुझे लगता है कि यह शर्मनाक है।" उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि श्री ज़ेलेंस्की काफी लंबे समय से वहां हैं और संकेत दिया कि अगर यूक्रेन किसी समझौते तक पहुंचना चाहता है तो राजनीतिक बदलाव जरूरी हो सकता है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष से होने वाले मानवीय नुकसान की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने श्री बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को दी गई भारी-भरकम अमेरिकी सहायता पर भी सवाल उठाए और पूछा कि वह पैसा और सैन्य उपकरण आखिर गए कहां? उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा दिए गए कुछ हथियारों की पुनः बिक्री की गई। श्री ट्रंप ने कहा, "बाइडेन उन्हें मिसाइलें दे रहे थे और उन्हें खुले बाजार में बेचा जा रहा था।"
अभय उप्रेती वार्ता

