नर्मदा परियोजना के बकाये के निपटारे को मंजूरी, चार राज्यों के बीच विवाद सुलझने की उम्मीद

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की समीक्षा समिति ने सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत में हिस्सेदारी को लेकर गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच लंबे विवाद के एकमुश्त निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
समिति की 15वीं बैठक बुधवार को हुई। जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भाग लिया। इस बैठक की महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि इसमें वित्त वर्ष 2026-27 में बकाया भुगतान की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।
समिति ने अटॉर्नी जनरल की राय और चारों राज्यों के बीच सात जुलाई 2026 को यहां हुए समझौता ज्ञापन को स्वीकार किया। यह समझौता गत सात जुलाई को हुआ था और समझौते पर यहां गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री की उपस्थिति में चारों राज्यों के बीच हस्ताक्षर किए गए थे। इसे लंबित अंतरराज्यीय बकाया राशि, दावों और वित्तीय देनदारियों के एकमुश्त निपटारे के लिए किया गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार यह समझौता राज्यों के बीच लंबित बकाया राशि, दावों और वित्तीय देनदारियों के एकमुश्त निपटारे से संबंधित है। इस समझौते के तहत नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं की बकाया देनदारियों के भुगतान की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। श्री पाटिल ने समझौते को स्वीकार करने और भुगतान की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताया है। उन्होंने संबंधित राज्यों, जल संसाधन विभाग और नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अंतरराज्यीय नदी जल संबंधी मुद्दों को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अभिनव.श्रवण वार्ता

