नयी दिल्ली, 04 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यहां जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी आंदोलन की रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के मामले की जांच कर दूसरों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करने की मांग की है।
श्रीमती वाड्रा ने रविवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि कई पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद न प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने भी पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "जिस पुलिस का काम सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं खतरा महसूस कर रही हैं।
कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक, हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का बर्ताव उचित है और अगर नहीं तो वे इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी शनिवार शाम इस घटना पर कहा था कि जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है और घंटों से सैकड़ों पत्रकार प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर बैठे हैं लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी, पत्रकारों को घसीटने तथा कैमरे छीने जाने के आरोप हैं। श्री गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है और गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले में जवाब देना चाहिए।
अभिनव उप्रेती वार्ता