नई दिल्ली 24 सितंबर (वार्ता) भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच की बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि दोनों पक्षों के विदेश मंत्रियों की बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81 वें सत्र से इतर बातचीत हुई। बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई, आपदा से निपटने की क्षमता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में आगे सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की। यह इस संगठन के विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक थी।
बैठक में प्रशांत द्वीप देशों की उच्चस्तरीय भागीदारी रही। इसमें समोआ के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री, फिजी, मार्शल द्वीप समूह, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप समूह और तुवालु के विदेश मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा टोंगा के वित्त मंत्री, माइक्रोनेशिया के संघीय राज्यों के न्याय विभाग के सचिव एवं अटॉर्नी जनरल, वानुआतु के स्वास्थ्य मंत्री, नाउरू के उप विदेश मंत्री और पैसिफिक आइलैंड्स फोरम के महासचिव ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में शिखर सम्मेलनों के नतीजों की समीक्षा की गई और 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 12 सूत्री कार्ययोजना के तहत भारत-प्रशांत द्वीप देशों के सहयोग में हुई प्रगति का स्वागत किया गया। बैठक में साझेदारी को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
संजीव जितेन्द्र वार्ता