वोट चोरी से खत्म हो रहा है संविधान तथा लोकतंत्र, सत्ता-विरोधी लहर खत्म होना निष्पक्ष चुनाव पर बड़ा सवाल : राहुल

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि 'वोट चोरी' के जरिए संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर भाजपा के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर करायी जा रही 'वोट चोरी' का खुलासा उनके सहयोगी ही कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'वोट चोरी' की साजिश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, उद्योगपति गौतम अडानी सहित कई लोग शामिल हैं। वोट चोरी देश के लोकतंत्र पर बहुत बड़ा हमला है और देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की यह साजिश देशद्रोह है। वोट चोरी करने वाले देशद्रोहियों के खिलाफ वह चुप नहीं बैठैंगे। उन्होंने कहा कि श्री ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर उनके साथ के दो चुनाव आयुक्त सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना था कि श्री ज्ञानेश कुमार जी पढ़े लिखे इंसान हैं और वह जानते हैं कि देश को उनकी वजह से कितना नुकसान हो रहा है इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को अपना पद छोड़ देना चाहिए।
श्री गांधी ने गुरुवार यहां पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गृहमंत्री अमित शाह का यह कहना कि अगले 30 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी और लोगों को इसकी आदत डालनी चाहिए, इस बात को दर्शाता है कि कहीं कुछ गड़बड हो रहा है। उनका कहना था कि सत्ता विरोधी लहर कभी खत्म नहीं हो सकती है और अगर ऐसा हो रहा है तो कुछ गड़बड़ी है। उनका कहना था कि राजनीतिक दल या नेता हमेशा लोकप्रिय नहीं रह सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी बंगलादेश युद्ध के समय देश की अत्यंत लोकप्रिय प्रधानमंत्री थीं लेकिन दो-तीन साल बाद उनके खिलाफ जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर आयी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, मनमोहनसिंह तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ भी सत्ता-विरोधी लहर आती रही है लेकिन अब भाजपा के खिलाफ यह लहर पूरी तरह गायब दिखती है और इसका गायब होना महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और पिछले 50 वर्ष से राजनीति को देख रहे हैं। उनको लगता है कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता के बारे में इस तरह का दावा नहीं किया जा सकता कि वह लंबे समय तक सत्ता में बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एक पार्टी आती है और दूसरी चली जाती रही लेकिन अब स्थिति बदल गयी है। यह सत्ता विरोधी लहर खत्म कर दी गई है। श्री गांधी ने कहा कि वोट चोरी से देश को बर्बाद किया जा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले संविधान आता है, उसके बाद कानून और फिर संस्थाएं आती हैं लेकिन उनके अनुसार आज संविधान को कमजोर किया जा रहा है, कानून और संस्थाओं की स्वतंत्रता खत्म की जा रही है। यदि संविधान नहीं रहेगा, कानून कमजोर हो जाएंगे और संस्थाओं को खत्म कर दिया जाएगा तो कुछ नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा कि वोट से संविधान को शक्ति मिलती है, वोट से ही कानून बनते हैं और कानून से संस्थाएं चलती हैं। जब लोग वोट डालते हैं तो संविधान को ताकत मिलती है, लेकिन यदि वोट को ही खत्म कर दिया जाए तो कानून और संस्थाओं का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि देश में वोट को नष्ट करने का काम किया गया है और इसी कारण संस्थाएं भी कमजोर हुई हैं। श्री गांधी ने कहा कि उन्होंने 28 अक्टूबर 2025 को प्रेस कांफ्रेंस कर देश में 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया था और इसके बाद 'वोट चोरी अधिकारी यात्रा' के जरिए भी जनता को बताया कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले हरियाणा में भी वोट चोरी हुई थी और चुनाव आयोग इन घटनाओं से अवगत था। इन प्रेस कांफ्रेंस के जरिए चुनाव आयोग पर दबाव पड़ा।
यह पूछे जाने पर कि उन्हें कैसे मालूम हुआ कि वोट चोरी हो रही है, उनका कहना था कि जब सत्ता विरोधी लहर पूरी तरह खत्म होती है तो इसका मतलब है वोट चोरी हो रही है। श्री गांधी ने कहा कि वोट चोरी मतदाता सूची से नाम हटाकर और ईवीएम के जरिए दोनों तरह से की जा रही है। मतदाताओं के नाम बदले जा रहे हैं, सूची से हटाए जा रहे हैँ और ईवीएम के जरिए भी वोट चोरी की जा रही है। उनका कहना था कि दो दिन पहले दो चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाये गये सवालों से उनकी कही वोट चोरी बात की पुष्टि हुई है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर आपत्ति दर्ज की है और यह तब ही संभव हुआ है जब उन्होंने अपनी प्रेस कांफ्रेंस के जरिए बताया कि वोट चोरी हो रही है।
श्री गांधी ने कहा कि उन्होंने वोट चोरी के खिलाफ यात्रा निकाली और कई मुद्दे उठाये लेकिन उस समय दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ नहीं कहा और जब उनकी प्रेस कांफ्रेंस की कही बातें सही साबित होने लगी तो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसले पर आपत्ति दर्ज करने का काम इसी दबाव में किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी का रास्ता निकाला है। उन्होंने दिसंबर 2023 में ऐसा कानून बनाया जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की व्यवस्था में बदलाव किया गया। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि चुनाव आयोग के चयन की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज किया गया और बाद में उन्हीं के हिसाब से मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की गयी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उच्च शिक्षित व्यक्ति हैं और उन्हें समझना चाहिए कि वह देश के लिए क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य काम नहीं हो रहा है बल्कि संविधान पर हमला किया गया है और उसे कमजोर करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
श्री गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का चयन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह ने किया है और अब मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ काम कर रहे उनके दो चुनाव आयुक्त उनसे ही सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोट खत्म हो चुका है और कानून बनाने वाली संस्थाएं भी खत्म की जा रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र जिस स्थिति में पहुंच गया है 1947 के बाद से कभी ऐसी स्थिति से देश नहीं गुजरा है। चुनाव की प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है, कानून बनाने वाली संस्थाओं को नष्ट किया जा रहा है, वोट चोरी की जा रही है और संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के इतिहास में यह पहला मौका है जब वह इस तरह की स्थिति देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी और अन्य लोगों ने जिस तरह 'वोट चोरी' कराई है, उसकी जांच जरूर होगी और वोट चोरी की साजिश के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। उनका कहना था कि चुनाव आयोग में जो कुछ हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले दोनों चुनाव आयुक्तों के साहस की वह सराहना करते हैं क्योंकि वे जो कुछ हो रहा है, उसका खुलासा कर रहे हैं।
श्री गांधी ने कहा कि जो कुछ वह कह रहे हैं वह किसी तरह की कल्पना या भ्रामक बात नहीं है बल्कि सत्य पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने देश के लोकतंत्र को बर्बाद किया है तथा जिन लोगों ने संविधान को बर्बाद करने का काम किया है उनकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी है और वह लोकतंत्र तथा संविधान को बचाने की इस लड़ाई में चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और 'वोट चोरी' के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
अभिनव, मधुकांत वार्ता

