पटना, 16 अक्टूबर (वार्ता) जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग गरीब जनता को घर, शिक्षा और रोजगार नहीं दे पा रहे हैं, वे भगवान श्रीराम को घर देने का दावा कर रहे हैं।
श्री किशोर ने बिहार विधान परिषद चुनाव को सरकार बदलने के बजाय उसे चुस्त-दुरुस्त करने का चुनाव बताते हुए कहा कि इस चुनाव में राजग की हार के बाद सरकार का ध्यान मंदिर-मस्जिद और जात-पात से हटकर जनता की समस्याओं की ओर जाएगा। जन सुराज के नेता ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस कथित बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रभु श्रीराम इंतजार कर रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें घर कब देंगे। श्री किशोर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री का यह कहना कि भगवान श्रीराम अपने घर के लिए 400 वर्षों से इंतजार कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें घर दिया, अहंकार का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और जीवन-मरण सब उनके हाथ में है, लेकिन भाजपा के नेता उन्हें भी प्रधानमंत्री मोदी से घर दिलाने की बात कर रहे हैं। जनसुराज के नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को घर, पांच किलोग्राम अनाज, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध नहीं करा पा रही है, जबकि भगवान का घर बनवाने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इसे अहंकार की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि इस अहंकार पर अंकुश लगाने के लिए राजग को हराना आवश्यक है।
शैलेश, वार्ता