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बिहार वैज्ञानिक अनुकूल खेती मंथन दो अंतिम पटना

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि खेती पर जलवायु परिवर्तन के असर को समझने के लिए केवल तापमान और बारिश का आंकड़ा पर्याप्त नहीं है। हवा की गुणवत्ता, धुंध, कीटों का प्रकोप और मिट्टी में नमी जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी है। खराब हवा और धुंध से फसलों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जबकि मिट्टी की नमी पौधों को पानी देने के साथ उसके तापमान और जैविक गतिविधियों को भी प्रभावित करती है।इन सभी पहलुओं को साथ लेकर अगले दो वर्षों के लिए एक्शन रिसर्च की योजना तैयार की जा रही है। इसकी शुरुआत…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार वैज्ञानिक अनुकूल खेती मंथन दो अंतिम पटना
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
01/10/26 15:27
पिछला अपडेट
01/10/26 15:27
स्थान
India