नासिक, 03 अप्रैल (वार्ता) महाराष्ट्र के शहर नासिक के कुछ स्थानों पर बुधवार शाम बेमौसम बारिश होने और ओले गिरने के कारण कटाई के लिए तैयार गेहूं, प्याज, चना और अंगूर के बाग जैसी फसलें प्रभावित हुईं।
शिंदे पालसे और मदसांगवी इलाकों में ओलावृष्टि हुई। बगलान, त्र्यंबकेश्वर और महिरावणी इलाकों और पंचवटी, इंदिरानगर, सिडको सहित कुछ इलाकों में आधे घंटे से 15 मिनट तक भारी बारिश हुई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में मौसम पूरी तरह बदल गया है। येवला और मनमाड में बौछारें पड़ीं। हालांकि, बुधवार शाम के बाद जिले के कई इलाकों में बारिश हुई। जिले में गरज के साथ तेज बारिश हुई।
तहसीलदार शोभा पुजारी ने बताया कि शिंदे पालसे और मदसांगवी इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। बगलान तालुका में आधे घंटे तक बारिश हुई। प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा है। करंजली घाटी में कुछ ओले गिरे। त्र्यंबकेश्वर और महिरावनी इलाकों में लगातार दूसरे दिन भी बारिश हुई। सिन्नर तालुका के धोंडाबार में बिजली गिरने से रामचंद्र खेतड़े नामक किसान की भैंस मर गई। शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया।
किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं, प्याज और चने की फसल की कटाई चल रही है। ऐसे में सब्जियों और प्याज में फसल रोग फैलने की आशंका है। अंगूर की कटाई का मौसम खत्म होने वाला है और बाकी बचे बागों में भी बेमौसम बारिश की मार पड़ी है। अंगूर उत्पादक निराश हैं क्योंकि अंगूर की बेलों के बीच में पौधों को स्वस्थ रखने के लिए उगाई जाने वाली घास नष्ट हो गई है। नासिक जिले में पिछले दो दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। हालांकि, बुधवार को बारिश मंगलवार की तुलना में अधिक तेज रही। प्याज, चना और अंगूर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
बागलान तालुका के अंतपुर, ताहराबाद, जयखेड़ा, नामपुर और अन्य इलाकों में बुधवार शाम को एक घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई। इन इलाकों में भी किसानों ने आशंका जताई है कि प्याज, अंगूर और अनार जैसी फसलें जो कटने वाली हैं, उन्हें काफी नुकसान होगा। मालेगांव, सताना और कलवन इलाके में बुधवार से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ जगहों पर शाम को गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई।
श्रद्धा,आशा
वार्ता