बेंगलुरु, 03 अप्रैल (वार्ता) कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा एवं पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को राज्य में कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते समय गुरुवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
बेंगलुरु में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री सीटी रवि सहित कई भाजपा नेता राज्य में बढ़ती कीमतों और कथित कुशासन के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतरे। विरोध प्रदर्शन करने के लिए कई पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि वे विधान सौध की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।
भाजपा विधायक एसआर विश्वनाथ ने आर्थिक मुद्दों से निपटने के राज्य सरकार के तरीके की आलोचना की। उन्होंने कहा कि “हम कल से ही मूल्य वृद्धि के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अब पानी की कीमतों में भी वृद्धि की घोषणा कर दी है। लोगों को मूल्य वृद्धि और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ प्रदर्शन करना चाहिए। जल्द ही, वे विरोध में सड़कों पर उतर आएंगे और तब सरकार को अपनी गलतियों का एहसास होगा।”
विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी ने भी कांग्रेस नीत राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने परिवहन, दूध, सब्जियों और किराने का सामान सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की है।पांच गारंटियों को लागू करते हुए, वे एक साथ कीमतें भी बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने डीजल की कीमतों के संबंध में कुछ मंत्रियों द्वारा दिए गए बयानों की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, “कल कुछ मंत्रियों ने, जिनके बारे में मुझे लगता है कि वे अपने मंत्रालयों को संभालने में भी सक्षम नहीं हैं, दावा किया कि डीजल की कीमत तय करना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। क्या जिम्मेदार मंत्रियों को इस तरह का बयान देना चाहिए?”
भाजपा ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज करने की कसम खाई, जबकि कांग्रेस सरकार इस बात पर बल दे रही है कि उसकी नीतियां आर्थिक बाधाओं को समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं।
अभय,आशा
वार्ता