जयपुर, 03 अप्रैल (वार्ता) राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और निवेश अनुकूल औद्योगिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं और इसी के तहत उन्होंने हाल में राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 जारी की है जो राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने और कनेक्टिविटी में वृद्धि करते हुए लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाएगी और राजस्थान को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने राजस्थान दिवस पर आयोजित सात दिवसीय महोत्सव के दौरान गत 31 मार्च को राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 जारी की थी। इस नीति में राजस्थान को लॉजिस्टिक्स के लिए पसंदीदा गंतव्य स्थल बनाने के लिए कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इनमें कई तरह की विशेष छूट और अनुदान शामिल हैं। वेयरहाउस, साइलो, कोल्ड स्टोरेज, इनलैण्ड कन्टेनर डिपो, कन्टेनर फ्रेट स्टेशन, एयर फ्रेट स्टेशन, कार्गाे टर्मिनल, ट्रकर पार्क आदि के लिए 5 से 50 करोड़ रुपए तक इलिजिबल फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (ईएफसीआई) की 25 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी दस वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क का विकास करने वाले निवेशकों को भी विशेष रियायतें दी गई हैं। निजी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और एकीकृत लॉजिस्टिक्स पार्क डेवलपर्स को सात वर्षों तक सात प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा, जिसकी वार्षिक सीमा 50 लाख रुपए होगी। कर एवं शुल्कों में विभिन्न रियायतें भी दी जाएंगी, जिसमें स्टाम्प ड्यूटी पर 75 प्रतिशत छूट और 25 प्रतिशत पुनर्भरण, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी पर सात वर्षों तक 100 प्रतिशत छूट, कन्वर्जन ऑफ लैंड चार्जेज पर 75 प्रतिशत छूट और 25 प्रतिशत पुनर्भरण तथा मंडी फीस पर सात वर्षों तक 100 प्रतिशत छूट शामिल हैं।
राज्य सरकार ने नीति के माध्यम से युवाओं को सक्षम बनाने और उन्हें निजी क्षेत्र में रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। इसमें दक्षता एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए कार्मिक प्रशिक्षण की कुल लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण (अधिकतम 4000 रुपए प्रति वर्कर प्रति माह, 6 माह तक) का प्रावधान शामिल है। तकनीकी उन्नयन के तहत ट्रक ट्रैकिंग उपकरणों की लागत पर प्रति ट्रक 2000 तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण, लॉजिस्टिक्स प्रबंधन सॉफ्टवेयर के प्रति इंस्टॉलेशन पर दो लाख रुपए तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण और फायर डिटेक्शन सिस्टम की लागत पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रूपए) एकमुश्त पुनर्भरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
प्रदेश में अधिक से अधिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रीको के आगामी औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतम 10 एकड़ अथवा 10 प्रतिशत आवंटन योग्य भूमि लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए ही आरक्षित होगी। नीति में पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण बिन्दु शामिल हैं। इसमें 12.5 करोड़ रूपये तक हरित प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत ईटीपी, सीईटीपी, औद्योगिक अवशिष्ट का पुनः उपयोग एवं रीसाइक्लिंग, कॉमन स्प्रे ड्रायर आदि पर लागत का 50 प्रतिशत एकमुश्त पुनर्भरण किया जा सकेगा।
राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार की है कि यहां लगने वाले उद्योग लॉजिस्टिक्स एवं परिचालन लागत को कम रखते हुए निर्यात के साथ-साथ स्थानीय मांग को भी बखूबी पूरा कर सकते हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के साथ सीमा साझा करते हुए, हमारा राज्य देश के लगभग 40 प्रतिशत बाजार तक पहुंच रखता है। यह भारत के उत्तरी और पश्चिमी भागों के बीच प्रमुख बुनियादी ढांचे की सुविधा के रूप में उद्योगों को कच्चे माल तथा तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में पूरी तरह से सक्षम है। देश के राष्ट्रीय राजमार्गों का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क और दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क राजस्थान में ही है। इसके अलावा नौ इनलैंड कंटेनर डिपो, सात एयरपोर्ट और एक एयर कार्गाे कॉम्प्लेक्स हमें लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में मजबूत स्थिति प्रदान कर रहे हैं। राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 राजस्थान की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाते हुए उद्योगों को भी आगे बढ़ने के भरपूर अवसर प्रदान करेगी।
राज्य सरकार पारदर्शिता, सुशासन और त्वरित नीतिगत सुधारों के माध्यम से राजस्थान को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने के लिए मजबूती से प्रयास कर रही है।
जोरा
वार्ता