मुंबई, 04 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड सितारों ने दिग्गज अभिनेता-फिल्मकार मनोज कुमार के निधन पर शोक जताया है।
मनोज कुमार के निधन से बॉलीवुड शोक में डूब गया है। बॉलवुड सितारों ने मनोज कुमार के निधन पर शोक जताया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा, 'मनोज कुमार जी ने वर्षों में जितनी भी फिल्में बनाईं, सभी देशभक्ति से भरी थी। मैं उनसे पूछती थी कि आप अब फिल्में क्यों नहीं बनाते, क्योंकि आपके जैसे फिल्मकार अब नहीं रहे। वह कहते थे। हां, मैं बनाऊंगा। यह दुखद है कि वह अब हमारे बीच नहीं हैं। मेरी उनके साथ खूबसूरत यादें हैं। वह गानों को फिल्माने में माहिर थे। मैंने उनके साथ चार फिल्में की हैं।'
आमिर खान ने कहा,'मनोज कुमार सिर्फ एक अभिनेता या निर्माता ही नहीं थे, बल्कि वे एक संस्था थे। मैंने उनकी फिल्में देखकर बहुत कुछ सीखा है। उनकी फिल्में अक्सर महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर आधारित होती थीं, जो उन्हें आम आदमी के बहुत करीब ले जाती थीं। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।'
अक्षय कुमार ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि पोस्ट में लिखा है, मैं उनसे सीखते हुए बड़ा हुआ हूं कि हमारे देश के लिए प्यार और गर्व से बढ़कर कोई भावना नहीं है और यदि हम अभिनेता इस भावना को दिखाने में आगे नहीं होंगे, तो कौन करेगा? इतने अच्छे इंसान, और हमारी फेटरनिटी की सबसे बड़ी संपत्तियों में से एक. रेस्ट इन पीस मनोज सर शांति।
अजय देवगन ने कहा कि मनोज कुमार ने उनके परिवार के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर उनके सिनेमा के सफर में। उन्होंने बताया कि मनोज कुमार ने उनके पिता वीरू देवगन को रोटी कपड़ा और मकान" फिल्म में 'एक्शन निर्देशक' के तौर पर पहला मौका दिया था। वहां से, उनका सहयोग फिल्म 'क्रांति' तक जारी रहा। यह फिल्म अब भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा है।मनोज जी की फिल्में 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम', 'शोर', 'क्रांति' सिर्फ फिल्में नहीं थीं, ये राष्ट्रीय भावनाएं थीं। उनकी रचनात्मक प्रतिभा, अटूट देशभक्ति और कहानी को गहराई से कहने की क्षमता ने एक ऐसा मानक स्थापित किया है, जिसकी बराबरी बहुत कम लोग कर पाए हैं।
मनोज बाजपेयी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट किया, 'मनोज कुमार साहब के निधन से हिंदी सिनेमा के एक स्तंभ को विदाई मिली है। उनकी कला ने भारत की भावना को अद्वितीय तरीके से व्यक्त किया। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना।
बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कहा, मनोज कुमार ऐसे कलाकार थे जिन्होंने हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की लौ जलाई। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है।'मनोज कुमार न सिर्फ एक उत्कृष्ट अभिनेता थे, बल्कि उन्होंने अपनी फिल्मों से देश को जोड़ने वाला भावनात्मक पुल भी रचा। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग का प्रतीक है।
करण जौहर ने मनोज कुमार के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, आज हमने हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज को खो दिया... श्री मनोज कुमार... यह मुझे क्रांति की स्क्रीनिंग पर वापस ले गया जिसे मैंने एक बच्चे के रूप में देखा था... फर्श पर अन्य बच्चों के साथ उत्साह से बैठे हुए थे और फिल्म निर्माता और अभिनेताओं और उद्योग के दिग्गजों से भरा स्क्रीनिंग रूम था... यह फिल्म का रफ कट था... 4 घंटे लंबा वर्जन... मनोजजी अपनी फिल्म को इतने शुरुआती चरण में शेयर कर फीडबैक मांग रहे थे... अपनी महत्वाकांक्षी मोशन पिक्चर के लिए राय मांग रहे थे... फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था।
अनुपम खेर ने भी मनोज कुमार के निधन पर वीडियो साझा कर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'मनोज कुमार जी का मेरे जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है और रहेगा। उनकी फिल्में, उनकी फिल्मों के गाने न केवल हमारा मनोरंजन करती थीं, बल्कि हमारे अंदर देशभक्ति का बहुत खूबसूरत जज्बा भी जगाती थी।मेरे देशभक्त होने में उनकी फिल्मों का बहुत बड़ा हाथ रहा है। मनोज जी आप वाकई महान थे। ओम शांति।'
मधुर भंडारकर ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैं महान अभिनेता और फिल्म निर्माता, मनोज कुमार सर के निधन से दुखी हूं, मुझे कई मौकों पर उनके साथ बातचीत करने का सौभाग्य मिला, और वह वास्तव में भारतीय सिनेमा के एक प्रतीक थे। उनकी फिल्मों में उनकी कहानी और गीत के चित्रण ने राष्ट्रीय गौरव को प्रेरित किया और पीढ़ियों तक इसकी गूंज बनी रहेगी। उनके परिवार के सदस्यों और फैंस के प्रति मेरी गहरी संवेदना.ओमशांति।
विवेक अग्निहोत्री ने मनोज कुमार की एक फिल्म का एक सीन शेयर करते हुए एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "भारत के पहले सच्चे ओरिजनल और कमिटेड इंडिक फिल्म मेकर, दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता मनोज कुमार जी, आज हमें छोड़कर चले गए. एक प्राउड राष्ट्रवादी. दिल से एक कट्टर हिंदू. एक विजनरी निर्देशक जिन्होंने भारतीय सिनेमा को एक नई ग्रामर दी, सिनेमा के मिनिंगफुल लिरिक्स, जो न केवल एंटरटेन करते थे, बल्कि याद भी रखे जाते थे. उन्होंने बिना किसी माफी के राष्ट्रवाद को काव्यात्मक बना दिया. उनके जैसे देशभक्त और कलाकार कभी नहीं मरते. वे बस मेमोरी में, सेल्युलाइड में, राष्ट्र की धड़कन में पार हो जाते हैं। अन्य कलाकार मृत्यु को प्राप्त होते हैं, पर देशभक्त कलाकार कालजयी होते हैं।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा, प्रसिद्ध दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता, हमारी प्रेरणा और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के 'शेर' मनोज कुमार जी नहीं रहे। यह इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी।
प्रेम
वार्ता