राज्य » बिहार / झारखण्डPosted at: Apr 1 2025 11:11PM विद्युत वितरण कंपनियों ने किया 17114 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व संग्रहपटना,01 अप्रैल (वार्ता) बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य की वितरण कंपनियों द्वारा रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण पर बधाई देते हुए कहा कि यह कीर्तिमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व तथा राज्य सरकार की लोकोन्मुखी नीतियों के सकारात्मक प्रभाव से संभव हो पाया है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी दोनों वितरण कंपनियों ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2,005 करोड़ यानी 13.27 प्रतिशत अधिक राजस्व की वसूली कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वितरण कंपनियों द्वारा कुल संग्रहित राजस्व 17,114 करोड़ रुपए में से एनबीपीडीसीएल ने 7,937 करोड़ एवं एसबीपीडीसीएल ने 9,177 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किए। मंत्री ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण की उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, दोनों वितरण कंपनियों के अधिकारियों, सभी अभियंताओं एवं राजस्व संग्रहण में लगे सभी कर्मियों को बधाई देते हुए राज्य के सभी उपभोक्ताओं को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के निरंतर सहयोग एवं तत्परता से बिजली बिल जमा करने की वजह से वितरण कंपनियों ने यह उपलब्धि हासिल की। मंत्री ने कहा कि जनता और ऊर्जा विभाग के बीच परस्पर सामंजस्य, कंपनियों द्वारा प्रदत्त बेहतर सेवाओं तथा 24X7 गुणवत्ता बिजली आपूर्ति की उपलब्धता का ही परिणाम है कि उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान किया है। इन सब की वजह से वितरण कंपनियों ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण किया। उन्होंने बताया कि बेहतर उपभोक्ता सेवा, उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं लोगों के साथ सीधा संवाद ने भी राजस्व संग्रहण महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि वितरण कम्पनियों के कार्यों को आंकने के लिए बिलिंग एवं कलेक्शन एफिसिएंसी का पैमाना है। बिलिंग तथा कलेक्शन एफिसिएंसी एवं दक्षता वृद्धि की बदौलत ही राज्य के उपभोक्ताओं को पिछले वर्षों से बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के निरंतर सेवा प्रदान करने में वितरण कम्पनियां सफल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बेहतर राजस्व संग्रहण के कारण वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी उपभोक्ताओं को विद्युत दर में 15 पैसे प्रति यूनिट की कमी का लाभ भी प्राप्त हुआ था। इस वर्ष भी और बेहतर राजस्व संग्रहण के कारण ग्रामीण क्षेत्र के 50 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 54 पैसे प्रति यूनिट, ग्रामीण स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 79 पैसे एवं शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण में वितरण कंपनियों द्वारा अपने एटी एंड सी लॉस को कम करने तथा आरडीएसएस के तहत की गई लॉस रिडक्शन की परियोजनाओं को ससमय पूर्ण करने का भी उल्लेखनीय योगदान है। साथ ही इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों ने भी कुल 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किए हैं जिनमे नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, राजस्व एवं भूमि सुधार, खेल, शिक्षा, पंचायती राज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं आईसीडीएस निदेशालय द्वारा केंद्रीयकृत रूप से भुगतान किया गया। दोनों वितरण कंपनियों के अधिकारियों एवं अभियंताओं को ऊर्जा सचिव एवं सीएमडी बीएसपीएचसीएल पंकज कुमार पाल ने बधाई दिया।प्रेम सूरजवार्ता