नयी दिल्ली, 05 अप्रैल (वार्ता) महान सम्राट आदि विक्रमादित्य के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को उजागर करने वाला तीन दिवसीय विक्रमोत्सव राष्ट्रीय राजधानी में 12 से 14 अप्रैल तक आयोजित किया जायेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि उज्जयिनी के सार्वभौम सम्राट विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं। उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है। उन्होंने कहा कि विक्रम सम्वत् हिंदू समाज का महज एक पर्व या नव वर्ष भर नहीं है। विक्रम सम्वत् तथा सम्राट विक्रमादित्य भारत के गौरव को, मनोबल को और राष्ट्र की चेतना को जागृत करने का एक सर्वोत्तम अवसर है। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्याय प्रियता, दानशीलता, पराक्रम आदि को उजागर करने वाला तीन दिवसीय विक्रमोत्सव राजधानी में आयोजित कया जा रहा है। विक्रमादित्य शोध पीठ, मध्यप्रदेश सरकार की ओर आयेजित विक्रमोत्सव के दौरान नाटक, प्रदर्शनी और अन्य कार्यक्रमों के जरिये सम्राट विक्रमादित्य का जीवनवृत्त परिलक्षित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि करीब 2100 वर्ष पहले विक्रमादित्य का काल शौर्य, न्याय, साहित्य, धर्म कला, संस्कृति, ज्ञान, विज्ञान, उद्याेग, व्यापार, आदि के बल और प्रताप की चमक से विश्व को चमत्कृत करने का समय था। यह वह समय था जब दुनिया के कई भागों में भारत की संस्कृति और धर्म की सुगंधि विस्तारित थी।
डॉ यादव ने बताया कि इस तरह का एक विक्रमोत्सव हैदराबाद में आयोजित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत से विकास ओर’ नारे से प्रेरणा लेकर ऐसे ही आयोजन अन्य राज्यों की राजधानी में भी आयोजित किये जायेंगे।
श्रवण, उप्रेती
वार्ता