पार्लियामेंटPosted at: Apr 1 2025 7:31PM दरभंगा हवाई अड्डे का 1400 करोड़ से हो रहा है विस्तार: मंत्री

नयी दिल्ली 01 अप्रैल (वार्ता) केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि बिहार में ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण पटना के करीब ही किया जायेगा और दरभंगा हवाई अड्डे का 1400 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार किया जा रहा है।
श्री नायडू ने वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक 2025 पर हुयी चर्चा का जबाव देते हुये कहा कि जहां तक बिहार में अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे का मुद्दा है तो पटना और उसके पास दो हवाई अड्डा पटना तथा बिहटा में है। चालू वित्त वर्ष के आम बजट में वित्त मंत्री द्वारा घोषित एक ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए भी पटना के आसपास ही भूमि की पहचान की जानी है।
उन्होंने कहा कि जहां तक दरंभगा हवाई अड्डे का सवाल है तो 1400 करोड़ रुपये से इसका विस्तार किया जा रहा है। पूर्णिया हवाई अड्डे का भी अगस्त या सितंबर तक काम पूरा होने के बाद परिचालन शुरू किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि वारंगल में हवाई अड्डे को मंजूरी दी जा चुकी है। केरल के कन्नूर हवाई अड्डे का भी विस्तार किया जाना है। उन्होंने बताया कि सभी मेट्रो शहरो को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत महसूस हो रही है। राजधानी दिल्ली के पास जेबर में एयरपोर्ट बनकर तैयार होने की स्थिति में है। मुंबई भी नवी मुंबई में दूसरा एयरपोर्ट बन गया है, लेकिन कोलकाता में भी दूसरे हवाई अड्डे की जरूरत है। पश्चिम बंगाल सरकार को इसके लिए पहल करने की जरूरत है। यदि अभी से पहल नहीं की जायेगी तो आगे दिक्कत हो सकती है।
मंत्री ने कहा कि कर्नाटक के हासन में भी एयरपोर्ट के लिए काम जारी है। इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कलबुर्गी स्थित हवाई अड्डे से नियमित उड़ान का मुद्दा उठाया जिस पर मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश देश के सभी हवाई अड्डों से नियमित उड़ान शुरू करने की है।
इससे पहले इस विधेयक पर चर्चा के दौरान जनता दल यूनाइटेड के संजय झा ने बिहार के लिए ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भूमि चिह्नित करने, दरभंगा हवाई अड्डे का विस्तार और पूर्णिया से उड़ान शुरू करने का मुद्दा उठाते हुये कहा कि दरभंगा के लिए अधिक भूमि अधिग्रहण का काम हो रहा है और राज्य सरकार ने दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय बनाने का प्रस्ताव भेजा है। केन्द्र सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
शेखर, उप्रेती
वार्ता