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बिजनेस


गोयल के बयान पर ज़ेप्टो सीईओ की तर्कहीन प्रतिक्रिया: खंडेलवाल

नयी दिल्ली, 05 अप्रैल(वार्ता) चांदनी चौक से सांसद और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने ज़ेप्टो के सीईओ आदित पलीचा की केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा भारती स्टार्टअप को लेकर दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया को ‘ग़लत और अतार्किक’ बताते हुये कहा है कि यह श्री गोयल के संदेश के मूल सार से भटकाने वाला बयान है।
श्री गोयल ने राजधानी आज संपन्न तीन दिवसीय स्टार्टअप महाकुंभ के दौरान कहा था कि भारतीय स्टार्टअप को त्वरित वाणिज्य और सुविधा-आधारित अनुप्रयोगों से हटकर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने वाले डीप-टेक नवाचारों की ओर बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया था कि क्या भारत को उन स्टार्टअप से संतुष्ट होना चाहिए जो केवल खाद्य वितरण सेवाओं पर केंद्रित हैं, जबकि अन्य देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ रहे हैं।
श्री गोयल के बयान पर ज़ेप्टो के बिजनेस मॉडल का बचाव करते हुए उसके सीईओ आदित पलीचा ने कहा कि उनकी कंपनी लगभग 1,50,000 नौकरियों का सृजन, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कर भुगतान और एक अरब डॉलर से अधिक का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हासिल किया है।
इस पर श्री खंडेलवाल ने श्री गोयल की चिंता की वाजिब बताते हुए कहा कि दुनिया भर के देशों में स्टार्ट अप टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काफ़ी काम कर रहे हैं और इस दृष्टि से भारत में भी यदि ऐसा होता है तो देश के विकास में ज़्यादा बेहतर होगा।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री ने श्री पलीचा की प्रतिक्रिया को श्री गोयल के संदेश के मूल सार से भटकाने वाला बताते हुये कहा “नौकरियां सृजित करने और कर भुगतान का दावा करना, जबकि विदेशी पूंजी का उपयोग करके भारत के छोटे किराना स्टोर्स को नुकसान पहुंचाना, नवाचार नहीं है। यह दृष्टिकोण भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों के अनुरूप नहीं है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व में योगदान देना चाहिए, न कि पारंपरिक व्यवसायों की कीमत पर अल्पकालिक व्यावसायिक लाभों का पीछा करना चाहिए। उन्होंने कहा, “नवाचार को केवल सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए। हमें ऐसे स्टार्टअप की आवश्यकता है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान करें और भारत के भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी तकनीकों का निर्माण करें।”
शेखर
वार्ता