इंडिया गठबंधन के नेताओं का ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गुरुवार को यहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन गुरुवार को प्रदर्शन किया और राजघाट तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जिसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा तथा समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और अन्य दलों के सांसद मार्च में शामिल हुए। इससे पहले सभी सांसदों ने यहां कनॉट प्लेस स्थित दो बड़े रेस्टोरेंट में दोपहर का भोजन किया और वहां से सीधे मार्च में शामिल होने के लिए बस से आसफ अली रोड पहुंचे। इस दौरान मार्च में शामिल कांग्रेस के कई नेता काले कपड़े पहने हुए थे। सभी नेताओं ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि राजघाट में लोकसभा तथा राज्यसभा के कई सांसदों ने बापू की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं चुनाव आयोग तथा मोदी सरकार के लिए सद्बुद्धि की कामना की। इन नेताओं ने कहा कि श्री मोदी, श्री शाह और श्री ज्ञानेश कुमार मिलकर पूरे देश में जनता से वोट का अधिकार छीन रहे हैं। ये तीनों मिल कर देश की जनता से उनका वह सबसे बड़ा अधिकार छीन रहे हैं जो उन्हें संविधान ने दिया है। वोट चोरी के खिलाफ गठबंधन के नेताओं का संघर्ष जारी रहेगा।
श्री खरगे ने मार्च शुरू होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, "गठबंधन के सांसद राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना देकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे। यह सरकार लोगों का वोट देने का अधिकार छीन रही है, जबकि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने देश को आजादी दिलाने के साथ लोगों को बोलने और वोट देने का अधिकार दिलाया था।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "पिछले दो दिनों से विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के सांसदों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोका जा रहा है। विपक्षी दलों के 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च में करीब 300 सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना देना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने से भी रोका गया तथा लोगों के साथ मारपीट की गई।" उन्होंने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने मिलकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संविधान को नुकसान पहुंचाया है और वोट चोरी की।
इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।" कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि राजघाट पर महात्मा गांधी को संदेश देने के लिए एकत्र होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि गांधी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि मोदी-शाह सरकार ने ज्ञानेश कुमार के माध्यम से लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन और अधिक मजबूती से जारी रहेगा।
अभिनव, मधुकांत वार्ता

