पार्लियामेंटPosted at: Apr 3 2025 10:52PM अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकार छीन रही है सरकार: खरगे

नयी दिल्ली 03 अप्रैल (वार्ता) राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकार छीन रही है।
उन्होंने सदन में विधायक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में ऐसा माहौल बन रहा है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान करने के लिए है। विधेयक में कई ऐसे तथ्य और संदर्भ दिए गए हैं, जिनकी आवश्यकता नहीं है।
श्री खरगे ने कहा कि लोकसभा में विधेयक को विभाजन से पारित किया गया और मत विभाजन में बड़ा अंतर नहीं था। इसका तात्पर्य है कि विधेयक में कमियां है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आवंटन में लगातार कटौती कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की छात्रवृतियां बंद कर दी गई है और कई संस्थाओं को वित्तीय मदद नहीं दी जा रही है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि पुराने कानून में जो बदलाव किए जा रहे हैं वह लोगों को तबाह करने के लिए है। उन्होंने कहा कि शक्तियों का केंद्रीकर किया जा रहा है और सरकार अपना कब्जा जमा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि वक्फ की संपत्ति को कॉरपोरेट या उद्योग घराने को दिया जा रहा है। समझ सकती है जिलाधीश में निहित कर दी गई है और उसी को विवाद की स्थिति में निर्णय भी करने होंगे। यह विरोधाभास है और इस पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वक्फ प्रबंधन में गैर मुसलमान को नहीं लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोधगया में बौद्ध मंदिर को लेकर विवाद हो रहा है क्योंकि वहां प्रबंधन में गैर बौद्ध शामिल है। सरकार का उद्देश्य मुसलमान को तंग करना है इसलिए विधेयक में ऐसे प्रावधान किया जा रहे हैं।
श्री खरगे ने कहा कि विधेयक को वापस लेना चाहिए और इसकी गलतियों को सुधार लेना चाहिए। सरकार को इसे प्रतिष्ठा का मामला नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान के भी खिलाफ है और कई प्रावधानों का उल्लंघन करता सरकार को देश की शांति और सद्भावना बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
सत्या
वार्ता