नयी दिल्ली, 02 अप्रैल (वार्ता) गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि वक्फ विधेयक मुस्लिम मतावलंबियों से संबंधित है और वक्फ में किसी दूसरे धर्म के लोगों को शामिल करने की बात पूरी तरह भ्रामक है।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल इसलिये लाया गया है ताकि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी और नियम कायदे के अनुसार हो ओर उसका फायदा मुस्लिम समुदाय के गरीबों, महिलाओं और बच्चों को मिले।
गृह मंत्री ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर हो रही चर्चा में हस्तक्षेप करते हुये कहा कि चैरिटी कमिश्नर कानून के तहत किसी भी धर्म का व्यक्ति धर्मार्थ संस्थाओं के नियमन एवं निरीक्षण के लिये अधिकृत किया जा सकता है, उसी तरह वक्फ पर निगरानी के लिये बोर्ड में कलेक्टर और सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान किया गया है जो किसी धर्म में हस्तक्षेप जैसा नहीं कहा जा सकता।