लखनऊ 02 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश गन्ना विकास परिषद (यूपीएसडीसी) ने सोशल मीडिया पर लाइव सत्रों के माध्यम से 9 लाख से अधिक गन्ना किसानों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। विभागीय सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना है, जिससे गन्ना उत्पादन और उत्पादकता में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थान मिल सके।
सूत्रों ने बताया कि फरवरी 2024 से यूपीएसडीसी इस कार्यक्रम को चला रहा है, जिससे 15 लाख से अधिक गन्ना किसानों तक पहुंचा जा रहा है।
उन्होंने कहा “ फेसबुक लाइव प्रशिक्षण सत्रों से न केवल उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ हुआ है, बल्कि उत्तराखंड और नेपाल के गन्ना उत्पादकों तक भी इसकी पहुंच बढ़ी है।”
सूत्रों ने बताया कि गन्ना अनुसंधान संस्थानों से विशेषज्ञ मार्गदर्शन को एकीकृत करके, ये लाइव सत्र किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान करते हैं और वास्तविक समय में उनके प्रश्नों का समाधान भी करते हैं।
उन्होंने कहा “ यह पहल त्वरित और प्रभावी ज्ञान प्रसार सुनिश्चित करती है, जिससे किसान उपज और उत्पादकता बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने में सक्षम होते हैं।”
सूत्रों ने बताया कि महज एक साल में ही इस कार्यक्रम ने 15,36,600 किसानों को सक्रिय रूप से जोड़ा है, जिनमें से 9,10,342 से अधिक किसानों ने सीधे तौर पर प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया है।
उन्होंने कहा “ यूपीएसडीसी ने 18 ऐसे फेसबुक लाइव कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिससे किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन पहले से कहीं अधिक सुलभ हो गया है।”
सूत्रों ने बताया कि यूपीएसडीसी न केवल फेसबुक लाइव के माध्यम से बल्कि शोध संस्थानों में पारंपरिक तरीकों से भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
उन्होंने कहा “ मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर और सोरही में गन्ना शोध केंद्रों पर निशुल्क प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 19,039 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।”
सूत्रों ने बताया कि मेरठ, रामपुर, लखीमपुर, बरेली, हरदोई, पीलीभीत और यहां तक कि नेपाल में भी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने कहा “ इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों को उन्नत गन्ना किस्मों और आधुनिक खेती तकनीकों के बारे में शिक्षित करना है।”
सूत्रों ने बताया कि खेती के तरीकों पर प्रशिक्षण के साथ-साथ किसानों को भुगतान, बीज की उपलब्धता और अन्य कृषि चुनौतियों से संबंधित मुद्दों को हल करने में भी सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा “ इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश अब गन्ना उत्पादन और उत्पादकता में नंबर एक स्थान पर है और चीनी उत्पादन में भी देश में अग्रणी है।
सोनिया
वार्ता